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हम हैं एक

हम हैं एक
  1. 1. मुश्‍किलें हैं जग में, हर कहीं ही

    जहाँ भी हों रहते, एकता नहीं

    लोग चाहते हैं लाना जग में बदलाव

    पर याह के लोगों को है उससे ही आस

    (प्री-कोरस)

    रखना है थामे याह की बात

    हम होंगे ना दुनिया के भाग

    (कोरस)

    हो प्यार, अपने सब कामों में

    फैला खुशखबरी जग-भर में

    और देख प्यार है कैसा भाइयों में

    चाहे हो हम में अंतर

    याह के लोग हैं हम हैं एक

  2. 2. चाहे जग में जाएँ, हम जहाँ भी

    लोग याह के हों जहाँ, हैं अपने ही

    चिंताएँ होती हैं, पर है आशा

    पाएँगे फिरदौस में, सच्ची शांति

    (प्री-कोरस)

    रखना है याह पे भरोसा

    हम नहीं हैं दुनिया का हिस्सा

    (कोरस)

    हो प्यार, अपने सब कामों में

    फैला खुशखबरी जग-भर में

    और देख प्यार है कैसा भाइयों में

    चाहे हो हम में अंतर

    याह के लोग हैं हम हैं एक

    हम हैं एक, हाँ

    (प्री-कोरस)

    रहना मज़बूत और वफादार

    और ना मानें हम दुनिया से हार

    (कोरस)

    हो प्यार, अपने सब कामों में

    फैला खुशखबरी जग-भर में

    और देख प्यार है कैसा भाइयों में

    चाहे हो हम में अंतर

    याह के लोग हैं,

    (कोरस)

    हो प्यार, अपने सब कामों में

    फैला खुशखबरी जग-भर में

    और देख प्यार है कैसा भाइयों में

    चाहे हो हम में अंतर

    याह के लोग हैं, हम हैं एक।